क्रिस्टल हीलिंग का विज्ञान
क्रिस्टल प्राकृतिक हीलिंग का एक साधन हैं, जिसका उपयोग स्वास्थ्य से जुड़े लोग अपनी पद्धतियों को तेज़ करने के लिए कर सकते हैं। मानव शरीर ऊर्जा प्रणालियों की एक शृंखला है। क्रिस्टल इन प्रणालियों को ठीक करने और संतुलित करने के उपकरण हैं।
यह पुस्तक चैनल के माध्यम से प्राप्त सामग्री को लेकर उसे वास्तविक अभ्यास में उतारने के संचित अनुभव का परिणाम है। वर्षों तक इन तकनीकों को सिखाया गया और दर्द कम करने तथा प्राकृतिक उपचार प्रक्रिया को तेज़ करने के लिए इनका उपयोग किया गया। मैं एक बात को लेकर निश्चित हूँ; सभी प्रकार की ऊर्जा पर क्रिस्टल के प्रभाव की संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है।
यहाँ पहली बार एक ही पुस्तक में क्रिस्टल हीलिंग पर अब तक आम जनता को उपलब्ध कराई गई सबसे पूर्ण जानकारी प्रस्तुत की गई है। यह डाएई वॉकर और दुनिया के कुछ सबसे जानकार स्फटिक (Quartz) क्रिस्टल शोधकर्ताओं के 13 वर्षों से अधिक के शोध और प्रयोगों का परिणाम है।
शुरुआत में, जब उचित परीक्षण उपकरणों की कमी थी, तब सूझबूझ से काम चलाना पड़ा। उचित प्रयोगशाला के बिना हम मात्रात्मक प्रमाण नहीं जुटा सकते थे। फिर भी क्रिस्टल तकनीकों के सिद्धांतों और गुणों को सामने लाना और उनकी सत्यता सिद्ध करना ज़रूरी था। सूक्ष्म प्राण शक्ति ऊर्जाओं को मापने के उपकरण अक्सर उपलब्ध नहीं थे, आमतौर पर इसलिए क्योंकि वे अस्तित्व में ही नहीं थे।
यदि ऊर्जा को मापा नहीं जा सकता था, तो मानव शरीर पर उसके प्रभाव को मापा जा सकता था। इसलिए अध्ययन का यह आगमनात्मक तरीका ही हमारी प्रयोगशाला बन गया। शरीर के ऊर्जा क्षेत्र के फैलाव या सिकुड़न को मापने के लिए डाउज़िंग रॉड जैसे अपरंपरागत उपकरणों का उपयोग किया गया। शरीर के मेरिडियन बिंदुओं की चालकता मापने के लिए एक्यूपंक्चर मेरिडियन मापक उपकरण का उपयोग किया गया। ऊर्जा में होने वाले बदलावों को उच्च ऊर्जा भौतिकी फ़ोटोग्राफ़ी की प्रक्रिया से दर्ज किया गया, जिसे कभी-कभी किर्लियन फ़ोटोग्राफ़ी भी कहा जाता है। यहाँ तक कि क्रिस्टल हीलिंग के बाद रक्त की प्लेटलेट्स में आए बदलावों की भी माइक्रोस्कोप के नीचे तस्वीरें ली गईं।
हम अपने सिवा किसी और के सामने कुछ सिद्ध करने की कोशिश नहीं कर रहे थे। हम जानना चाहते थे कि दिए गए हर विचार की सीमाएँ क्या हैं। पहेली के हर नए टुकड़े ने और अधिक विचार और अधिक अनुभव सुझाए।
शरीर का सार ऊर्जा है। क्रिस्टल विभिन्न ऊर्जाओं को जैविक ऊर्जाओं में बदलने वाले ट्रांसफ़ॉर्मर और उन्हें बढ़ाने वाले एम्प्लीफ़ायर की तरह काम करते हैं, जो हमारी जैविक प्रणाली को कोशिका के स्तर पर, और साथ ही हमारे भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक स्तरों पर, फिर से संतुलित और ऊर्जावान बनाती हैं। ऊर्जा के इस जैविक स्थानांतरण का आधार यह मान्यता है कि शरीर समकालिक, दोलन करती हुई, ठोस और तरल क्रिस्टल प्रणालियों की एक शृंखला है, जिनमें हमारी क्रिस्टल हीलिंग तकनीकें सीधे ऊर्जा पहुँचा सकती हैं, जैसे एक क्रिस्टल से दूसरे क्रिस्टल में। ऊर्जा का यह स्थानांतरण प्रणाली को एक ऐसी कार्यात्मक शक्ति प्राप्त करने में मदद करता है जिसमें वह पुनर्जीवित हो सके। कल्पना कीजिए। यह एक प्रमुख तरीका या एक प्रकार की भाषा है जो हमारे कंप्यूटर जैसे मन से संवाद कर सकती है और उसे नए सिरे से लिख सकती है।
इन सबसे एक पैटर्न उभरकर आया है, हीलिंग और मानव चेतना की प्रक्रियाओं का एक नक्शा। हम इसे पूरी तरह नहीं समझते, लेकिन हर दिन हम थोड़ा और जानते हैं और तस्वीर थोड़ी और साफ़ होती जाती है। यह कब
समाप्त होगा? हमारे निकट भविष्य में तो नहीं। हम शरीर के भीतर काम करते मन और मस्तिष्क के स्वरूप की गहराई में उतर रहे हैं। संभावनाएँ अनंत हैं।